Lyrics in Hindi of bhajans and Lok Geet I often sing in my bhajan/sangeet groups

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मंगलवार, 25 अप्रैल 2023

Bandau Guru Pad Padum Paraga - बंदऊँ गुरु पद पदुम परागा - Hindi Lyrics with Word Meaning

Bandau Guru Pad Padum Paraga Hindi Lyrics with Word Meaning

बंदऊँ गुरु पद पदुम परागा
सुरुचि सुबास सरस अनुरागा

गुरु पद रज मृदु मंजुल अंजन
नयन अमिअ दृग दोष बिभंजन

रज - फूलों का पराग
अंजन - काजल; जो आंखों की सुंदरता को बढ़ाए

जे गुर चरनु रेनु सिर धरहीं
ते जनु सकल बिभव बस करहीं

रेनु - रज
बिभव - वैभव
बस करहीं - वश में कर लेंगे 

श्री गुर पद नख मनि गन जोती
सुमिरत दिब्य दृष्टि हियँ होती

गुर कें बचन प्रतीति न जेही
सपनेहुँ सुगम न सुख सिधि तेही

प्रतीत - ज्ञात होना; विश्वास; related word: प्रतिभा (प्रतीत की प्रभा)
सिधि - सिद्धि; जिसका साधन हो चुका हो; पूर्णता; सफलता

गुर बिनु भव निधि तरइ न कोई 
जौं बिरंचि संकर सम होई

बिरंचि - ब्रह्मा
जौं ... सम होई - जो चाहे ... के समान ही क्यों न हो 

गुर पितु मातु महेस भवानी
प्रनवउँ दीनबंधु दिन दानी

दिन दानी - नित्य दिन जो कृपा का दान देते हैं

मातु पिता गुर स्वामि निदेसू
सकल धरम धरनीधर सेसू

निदेसू - निर्देश (suggestion) का पालन 
धरनीधर सेसू - भूधर शेषनाग की तरह 

मातु पिता गुर प्रभु कै बानी
बिनहिं बिचार करिअ सुभ जानी

बिनहिं बिचार - बिना अधिक (redundantly) सोचें बिचारे

बंदउं गुरु पद कंज, कृपा सिंधु नररूप हरि
महामोह तम पुंज, जासु बचन रबि कर निकर

तम पुंज - अंधकार (तम) का समूह (पुंज)
कर - किरन
निकर - अनेक; समूह

मातु पिता गुरु स्वामि सिख, सिर धरि करहि सुभायँ
लहेउ लाभु तिन्ह जनम कर, नतरु जनमु जग जायँ
...बोलो भाई, सब संतन की जय
...परमगुरू, मातु पिता की जय

सिख - शिक्षा
सुभायँ - शुभ करें (पालन करें) 
नतरु - नहीं तो; अन्यथा 
जनमु जग जायँ - जनम लेके जग से (बिना किसी जनम लाभ के) चले जायेंगे



This comprises of some of most popular chaupai about guru from Ramcharitmanas by Goswami Tulsidas. 

For more comprehensive list of word meanings from Ramayan, refer to Tulsidas RamCharitManas Ramayan - Words and Meaning in Hindi

रविवार, 13 सितंबर 2015

Vari Jaun Re - वारी जाऊं रे - Hindi Lyrics

Vari Jaun Re Hindi Lyrics

मैं वारी जाऊं रे , बलिहारी जाऊं रे
मारे सतगुरु आंगड़ आया, मैं वारी जाऊं रे

सतगुरु आंगड़ आया, हे गंगा गोमती लाया रे
मारी निर्मल हो गयी काया, मैं वारी जाऊं रे...

सब सखी मिलकर हालो, केसर तिलक लगावो रे
घड़ी हेत सूं लेवो बधाई, मैं वारी जाऊं रे

सतगुरु दर्शन दीन्हा, भाग उदय कर दीन्हा रे
मेरा भरम वरम सब छीना, मैं वारी जाऊं रे

सत्संगी बन गयी भारी, मंगला गाऊं चारी रे
मेरी खुली ह्रदय की ताली, मैं वारी जाऊं रे

दास नारायण जस गायो, चरणों में सीस नवायों रे
मेरा सतगुरु पार उतारे, मैं वारी जाऊं रे


आंगड़: आँगन (घर)
हालो: चलो (also पुकारो)
घड़ी: समय
घड़ी हेत: इस छड़ (समय)
भरम वरम: भ्रम (doubts about god)

गुरुवार, 8 अगस्त 2013

Guru Kripanjan Payo Mere Bhai - गुरु कृपांजन पायो मेरे भाई - Hindi Lyrics

गुरु कृपांजन, पायो मेरे भा.ई
रामबिना. कछु, जानत ना.हीं

अंतर रा.मही,  बाहिर रा.मही
जंह देखों तहं, रामही रामही

जागत राम.ही, सोवत राम.ही
सपने में देखूं, राजा रामही

एक जनार्दनीं, भावही नीका
जो देखो वो,  राम सरीका

कृपांजन - कृपा का सिद्धांजन
सिद्धांजन - Mythological अंजन (सुरमा) जिसे आंख में लगा देने से अंदर-बाहर (अंतर रामहि, बाहर रामहि) सब कुछ दिखने लगता है; one which helps us in broadening our perspective
अंतर - अंतः (भीतर); related word: अन्तःकरण (हृदय,मन,चित्त,बुद्धि)
जनार्दनीं - परमात्मा; जन+अर्दनी; अर्दनी:दुखों का अर्दन करने वाला; अर्दन:नष्ट  

रविवार, 21 जुलाई 2013

hamare guru mile brahmgyani - हमारे गुरु मिले ब्रह्मज्ञानी - Hindi Lyrics

Hamare Guru Mile Brahmgyani Hindi Lyrics


हमा.रे, गुरु मिले, ब्रह्मज्ञानी
पा.ई, अमर निशानी..

का.ग पलट गुरु, हंसा किन्है
दीन्हीं, नाम निशानी..
हंसा. पहुचे.. सुख सागर पर
मुक्ति भरै, जहाँ पानी..

जल बिच कुंभ, कुंभ बिच जल है
बाहर, भीतर पानी..
विकस्यो, कुंभ जल, जल ही समाना
ये गति, विरले ने जानी..

है अथा.ह, थाह संतन में
दरिया, लहर समानी..
जीवर, जाल डाल का करिहे
जब, मीन पिघल, भै पानी..

अनु.भव का ज्ञान, उजलता की वानी
सोहै, अकथ कहानी
कहै कबीर गुंगे की सेन
जिन जानी, उन मानी

Listen to Hamare Guru Mile Brahmgyani by Hari Om Sharan ji